“अटल विचारों का यह पावन प्रकाश, अटल युगों तक करेगा जनमानस में निवास।”
लेखिका: श्रीमती लक्ष्मी चौहानपद: सहायक अध्यापकविद्यालय: रा. प्रा. वि. सुकई (बीरोंखाल)जनपद: पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के साथ-साथ साहित्य और काव्य-जगत में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखते थे। उनका व्यक्तित्व दृढ़ता, राष्ट्रप्रेम, संवेदनशीलता और प्रभावशाली अभिव्यक्ति का अद्भुत संगम था। प्रस्तुत काव्य-रचना में श्रीमती लक्ष्मी चौहान ने ‘अटल’ शब्द को केंद्र में रखते हुए उनके व्यक्तित्व, विचारों, राष्ट्रसेवा और अमर योगदान को काव्यात्मक श्रद्धांजलि अर्पित की है।
अटल नाम मिला, अटल सम्मान मिला,
अटल राह पर, अटल अंदाज मिला।
अटल व्यक्तित्व के धनी, थी अटूट विचारधारा,
अटल के अदम्य योगदान ने, देश को था सँवारा।
अटल शक्ति की अटूट मिसाल,
अटल संवाद में था, राष्ट्र का जलाल।
अटल के विरोधी भी कायल रहे सदा,
अटल अदम्य शख्सियत, न देखी कभी कदा।
अटल शब्दों में गूँजती थी, देश प्रेम की धार,
अटल अमर रहेगा, भारत माँ यह दुलार।
अटल विचारों का यह पावन प्रकाश,
अटल युगों तक करेगा, जन मानस में निवास।

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